मसाज (Massage) के फायदे और तरीके

मसाज (Massage) के फायदे और तरीके :-
हमारा शरीर बहुत सारे अंगो, तत्वों ,माँसपेसिओ इत्यादि से मिलकर बना है । जिसमे रक्त संचरण के माध्यम से सारे अंग-प्रत्यंग काम करते रहते है और हमारा जीवन निर्बाद गति से चलता रहता है , यदि इसमें किसी भी प्रकार की कोई समस्या आ जाए तो शरीर काम करने में असक्षम होकर, मनुष्य रोग से ग्रसित हो जायेगा ।अत: ऐसी अवस्था से बचाव हेतु मसाज एक बहुत ही बढ़िया कारगर उपाय है । मसाज को आम बोलचाल में मालिश के नाम से भी जाना जाता है ।

मसाज स्वयं भी कर सकते है अथवा किसी पेशेवर वयक्ति से भी मसाज करवायी जा सकती है किन्तु मसाज को जीवन के महत्पूर्ण हिस्से में सम्मिलित करना चाहिए जिससे की शरीर को निरोग तथा स्वस्थ रखा जा सके I

मसाज (Massage) करने के मुख्य फायदे :-

  • मसाज के माध्यम से हमारे शरीर को चिंता व तनाव मुक्त करके अच्छा शारीरिक व मानसिक सुख पाया जा सकता है ।
  • यदि सही तरीके और नियमित रूप से शरीर की मसाज करी जाए तो तो रोग होने की सम्भावना बिलकुल न के बराबर होगी और वयक्ति मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ व सुन्दर होगा ।
  • मसाज से शरीर में रक्त सही गति से चलता रहता है जिससे हृदय , रक्तचाप सम्बन्धी बीमारी होने की आशंका समाप्त हो जाती है ।
  • त्वचा रोग नहीं होते है ।
  • तनाव दूर होता है जिससे मानसिक शांति का अनुभव होता है ।
  • शरीर में तंदुरुस्ती व स्फूर्ति बनी रहती है ।
  • बढ़ती उम्र के शारीरिक परिवर्तनो में भी बदलाव आता है ।
  • शरीर लचीला व कोमल बनता है ।
  • यह पद्ति प्राकर्तिक रूप से दर्द निवारक का कार्य भी कुशलतापूर्वक करती है।
  • अति दुष्कर रोगों जैसे कैंसर ,कुष्ठ ,लकवा आदि से भी मसाज के माध्यम से बचाव किया जा सकता है ।
  • मोटापा नहीं आता है ।
  • यदि नियमित रूप से व सही तरीके से मसाज करी जावे तो शरीर बिना किसी समस्या के सुन्दर व सुडोल बनेगा जिससे वयक्ति को मानसिक व शारीरिक सुख की प्राप्ति होगी ।

मुख्य रूप से मसाज (Massage) के प्रकार :-
मसाज सामान्यत: घर्षण, स्पर्श , थपथपाना आदि रूप से की जाती है , जिनमे मुख्य प्राकर्तिक रूप से है :-
1 . सूखी मसाज:-
इस प्रकार की विधि में अंगो को हथेली की सहायता से रगड़ा जाता है ।
एवं मसाज करी जाती है ।
2 तैलीय / द्रव्य मसाज :-
इस प्रकार की विधि में तेल यथा सरसों, तिल , नारियल , अथवा कोई अन्य दर्द निवारक ट्यूब या तेल से अथवा किसी अन्य द्रव्य से मालिश की जाती है ।
3 .उबटन मसाज :-
इस प्रकार की मसाज में शरीर पर किसी विशेष द्रव्य का लेप किसी रोग से सम्बंधित अथवा सौंदर्य वृदि हेतु किया जाता है।

मसाज (Massage) करने में कुछ सावधानियाँ :-

  • मसाज सदैव नीचे की ओर से ऊपर की ओर करना चाहिए जिससे की हृदय पर कोई विपरीत प्रभाव ना पड़े ।
  • दर्द अथवा सूजन में हलके हाथों से मसाज करनी चाहिए ।
  • ज्यादा सूजन की अवस्था में मसाज नहीं करनी चाहिए अथवा चिकिस्तक की देखरेख में ही करनी चाहिए ।
  • घुटनों तथा जोड़ों पर मसाज गोलाकार रूप में करनी चाहिए ।
  • बुखार तथा वायरल रोगों में मसाज नहीं करनी चाहिए ।
  • पेट पर कभी भी जोर देकर मसाज नहीं करनी चाहिए ।
  • भोजन करने के तुरंत बाद मसाज नहीं करनी चाहिए ।
  • मसाज करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए ।
  • सही तरीके से मसाज करने से ही पूर्णरूप से फायदा मिलता है ।







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